MLA Rakesh Pratap Singh: उत्तर प्रदेश की गौरीगंज विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के टिकट पर लगातार तीन बार विधायक रहे राकेश प्रताप सिंह अब भाजपा का दामन थामने जा रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि वह 14 अक्टूबर को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। करीब डेढ़ दशक तक सपा की राजनीति करने के बाद उनके इस फैसले को यूपी की सियासत में अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। राकेश प्रताप सिंह ने सपा छोड़ने की वजह बताते हुए पार्टी पर परिवारवाद और जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए जाएं और रामचरितमानस जलाने या फाड़ने जैसी घटनाओं का समर्थन करने वाले लोगों के साथ राजनीति की जाए, वहां उनके लिए राजनीतिक रूप से बने रहना संभव नहीं है। ‘रामचरितमानस जलाने वालों के साथ राजनीति नहीं’ राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि करीब तीन साल पहले उन्होंने गौरीगंज में एक धार्मिक मंच से ही अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी थी। उनका कहना है कि विधायक रहना, टिकट मिलना या राजनीति में बने रहना उनके लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना सनातन और हिंदू धर्म के प्रति उनकी आस्था है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस जलाने-फाड़ने, तुलसीदास की लेखनी पर सवाल उठाने और सनातन धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के साथ राजनीति करना उनके लिए संभव नहीं है। ‘90 फीसदी समर्थक भी BJP में आएंगे’ भाजपा में शामिल होने के सवाल पर राकेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि उनके साथ व्यक्तिगत संबंध रखने वाले करीब 90 फीसदी लोग भी भाजपा की सदस्यता लेंगे। उन्होंने कहा कि बूथ और पोलिंग स्तर पर सक्रिय उनके समर्थक भी उनके साथ भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 14 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। उन्होंने अयोध्या के महापौर को भी कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया है। राकेश प्रताप सिंह ने यह भी दावा किया कि सपा विधायक अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भी उनके साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। सपा के PDA पर भी साधा निशाना सपा के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर हमला बोलते हुए राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि सपा के PDA में न ‘P’ है, न ‘D’ और न ‘A’, बल्कि वहां सिर्फ परिवार के लोगों को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए सपा पर परिवार और उद्योगपति परिवारों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। इसके विपरीत उन्होंने भाजपा पर अलग-अलग जातियों और वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का दावा किया। 2012 से लगातार तीन बार जीते गौरीगंज राकेश प्रताप सिंह ने 2012 में पहली बार सपा के टिकट पर गौरीगंज विधानसभा सीट से चुनाव जीता था। इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की। करीब 15 साल तक सपा की राजनीति करने के बाद अब उनका भाजपा में जाना अमेठी की स्थानीय राजनीति के साथ-साथ आगामी यूपी विधानसभा चुनाव के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें विधानसभा चुनाव में कौन सी जिम्मेदारी या टिकट मिलेगा, इसका फैसला पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगा। ये भी पढ़ें: EC के खिलाफ सड़क पर विपक्ष, लेकिन ‘क्रेडिट वॉर’ में AAP-कांग्रेस आमने-सामने, कौन दिखाएगा असली ताकत?